बर्लिन की राबिया रोगे अंतरिक्ष में जाने वाली पहली जर्मन महिला बनी हैं. रोबोटिक्स रिसर्चर रोगे, स्पेसएक्स की फ्लाइट में ध्रुवीय क्षेत्रों का अध्ययन करने वाले समूह का हिस्सा हैं.
रबिया रोगे, स्पेसएक्स रॉकेट पर सवार होकर अंतरिक्ष में जाने वाली पहली जर्मन महिला बनी हैं. स्पेसएक्स ने बताया कि रोगे समेत चार अंतरिक्ष यात्रियों ने सोमवार (31 मार्च) को उड़ान भरी. यह लॉन्च अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से हुआ और स्पेसएक्स ने इसे लाइव प्रसारित किया.
जर्मन एयरोस्पेस सेंटर के अनुसार, अब तक कोई जर्मन महिला अंतरिक्ष में नहीं गई थी. बर्लिन की रहने वाली रोगे ने ईटीएच ज्यूरिख में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और आईटी की पढ़ाई की है. इसके बाद अपनी डॉक्टरेट थीसिस के लिए वह नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आ गईं.
स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में तीन से पांच दिन लंबे मिशन के दौरान यह टीम पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्रों का अध्ययन करेगी. इसके अलावा पृथ्वी से 425 से लेकर 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर नॉर्दन लाइट्स जैसी "स्टीव" नाम की बैंगनी रोशनी को जांचेगी. स्पेसएक्स ने कहा कि फ्रैम2 नाम के इस मिशन में अंतरिक्ष में इंसानों की पहली एक्स-रे तस्वीरें भी ली जाएंगी और माइक्रोग्रैविटी में मशरूम उगाने की कोशिश भी होगी.
मिशन की कमान एक बिटकॉइन निवेशक के हाथ
इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स से यह फ्लाइट चीनी मूल के एक बिटकॉइन निवेशक चुन वांग ने बुक की थी. सोमवार को पहली यात्रा पर निकले इस क्रू में वांग के अलावा नॉर्वे की फिल्म निर्माता यानिके मिकेलसन, जर्मन रोबोटिक्स रिसर्चर राबिया रोगे और ऑस्ट्रेलिया के ध्रुवीय खोजकर्ता एरिक फिलिप्स शामिल हैं.
इस यात्रा में स्पेसएक्स का फैल्कन-9 रॉकेट अटलांटिक महासागर के ऊपर दक्षिण की ओर बढ़ा, जिससे इन अंतरिक्ष यात्रियों को एक ऐसे मार्ग पर ले जाया गया जिस पर 64 वर्षों के मानवीय अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में पहले कभी उड़ान नहीं भरी गई थी.
फ्लोरिडा से दक्षिणी ध्रुव तक उनकी उड़ान का पहला चरण मुश्किल से आधे घंटे का था. उड़ान से पहले इस टीम ने करीब आठ महीने तक तैयारी की है, जिसमें अलास्का के मुश्किल हालात में कम जगह में जीने का अनुभव जुटाना शामिल है.
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क्रिप्टो कंपनियों- एफ2पूल और स्केटफिश के सह-संस्थापक वांग, व्यक्तिगत रूप से पहले ही ध्रुवीय क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और अब इन्हें अंतरिक्ष से देखना चाहते हैं. हालांकि, वह इस बात का खुलासा नहीं करेंगे कि करीब साढ़े तीन दिन के इस चरम ध्रुवीय अनुभव के लिए उन्होंने इलॉन मस्क की स्पेसएक्स को कितना भुगतान किया है. यूरोपीय देश माल्टा के नागरिक बन चुके वांग ने उड़ान से पहले कहा कि यह यात्रा "सीमाओं को आगे बढ़ाने और ज्ञान साझा करने" के बारे में भी है.
फ्रैम2 मिशन का लक्ष्य
इस मिशन को "फ्रैम2" नाम, 19वीं सदी में आर्कटिक और अंटार्कटिक अभियानों के लिए बनाए गए प्रसिद्ध नॉर्वेजियन जहाज से मिला है. एक्स-रे और माइक्रोग्रैविटी में मशरूम उगाने जैसी गतिविधियों के अलावा वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह शोध भविष्य में मंगल ग्रह तक लंबी अवधि की अंतरिक्ष यात्रा के लिए जरूरी अनुभव जुटाएगा.
जब क्रू पृथ्वी पर वापस लौटेगा तो अतिरिक्त चिकित्सा सहायता के बिना अंतरिक्ष यान से बाहर निकलने की कोशिश करेगा. यह चरण एक अध्ययन का हिस्सा है ताकि रिसर्चरों को यह समझने में मदद मिल सके कि अंतरिक्ष यात्री, स्पेस फ्लाइट के बाद बुनियादी कामों को कितनी अच्छी तरह कर सकते हैं.
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अपोलो चंद्र मिशनों को छोड़कर, पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्र अंतरिक्ष यात्रियों की नजर से दूर रहे हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं. यहां तक कि अपोलो मिशनों पर भी उन्होंने पृथ्वी के ध्रुवों पर सीधे उड़ान नहीं भरी थी.
स्पेसएक्स ने अब तक पांच निजी अंतरिक्ष यात्री मिशनों को पूरी तरह अंजाम दिया है. इनमें से तीन- एक्सिओम स्पेस के सहयोग से आईएसएस तक और बाकी दो पृथ्वी की कक्षा में स्वतंत्र उड़ान मिशन रहे. स्वतंत्र उड़ानों में पहला मिशन इंस्पिरेशन4 था जो 2021 में पूरा हुआ.
उसके बाद पोलारिस डॉन मिशन आया जिसमें निजी अंतरिक्ष यात्रियों ने पहली बार स्पेसवॉक किया. दोनों स्वतंत्र उड़ान मिशनों का खर्च अरबपति कारोबारी जैरेड इसाकमैन ने उठाया था. इसाकमैन, इलॉन मस्क के करीबी सहयोगी हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने उन्हें नासा के अगले प्रशासक के तौर पर नामित किया है.